- बहराइच में निजी नर्सिंग होम में सरकारी डॉक्टर ने किया मरीज के पथरी का ऑपरेशन, मौत
- मरीज की मौत के बाद जमकर हुआ हंगामा, पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर लाश पोस्टमार्टम को भेजा
- मृतक मरीज के परिजनों ने चिकित्सक पर लगाया लापरवाही बरतने का आरोप, सीएमओ ने दिए जांच के आदेश, टीम गठित
Government doctor operated on a patient’s stones in a private nursing home in Bahraich, he died : बहराइच। शहर के डिगिहा मोहल्ले में स्थित अस्पताल के बच्चों के डॉक्टर ने एक पथरी के मरीज का आपरेशन अपने निजी नर्सिंग होम पर कर दिया। हालत बिगड़ने पर मरीज की मौत हो गई। इस पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस ने परिजनों को किसी तरह समझा-बुझाकर लाश पोस्टमार्टम को भेजा है। मृतक के परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। सीएमओ ने इस मामले में जांच के आदेश देते हुए टीम गठित की है।
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आपको बताते चलें कि जनपद के सरकारी डॉक्टर डॉ अतुल मिश्रा शहर में ही एके हॉस्पिटल के नाम से अपना नर्सिंग होम संचालित कर रहे है। डॉक्टर अतुल मिश्रा बाल रोग विशेषज्ञ हैं। इसके बावजूद डॉ. अतुल मिश्रा ने सर्जन कार्य करते हुए एक मरीज के पथरी का ऑपरेशन अपने नर्सिंग होम पर करके उसकी जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया।
इलाज के दौरान दम तोड़ने वाले 60 वर्षीय कृपाराम यादव के परिजनों का कहना है कि चिकित्सक ने यह ऑपरेशन दो माह पूर्व किया था। लेकिन गलत ऑपरेशन के चलते जहां टंकी लगाए गए थे वहां से यूरिन का स्राव होने लगा, काफी इंफेक्शन फैल गया। हालत बिगड़ने पर 3 दिन पहले मरीज को लेकर परिवार के लोग फिर नर्सिंग होम पहुंचे। इस पर फिर से उसका ऑपरेशन किया गया। लेकिन जब हालात नहीं सुधरी तो मरीज को आईसीयू में भर्ती किया गया। रविवार को मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई।
परिजनों का कहना है कि गलत आपरेशन से कृपाराम की मौत हुई है वही, डॉक्टर से बात की तो डॉक्टर साहब कहते हैं “कि हम ये सब ऑपरेशन खुद करते हैं, इसमें कोई बड़ी बात नही। वहीं मरीज की मौत के बाद परिवार के लोगों ने जमकर हंगामा किया। काफी संख्या में लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। सूचना पाकर दरगाह थाने की पुलिस भी पहुंची।
थानाध्यक्ष हरेंद्र मिश्रा ने बताया कि मृतक के परिजनों को समझा बूझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं इस मामले में सीएमओ डॉ राजेश कुमार ने बताया कि पूरा मामला संज्ञान में आया है, दो सदस्यीय टीम गठित की गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब हो कि एके हॉस्पिटल पहले भी विवादों में रहा है। एक वर्ष पूर्व भी पयागपुर क्षेत्र के मरीज की मौत पर हंगामा हुआ था।
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