- बहराइच का लाल पश्चिम बंगाल में शहीद, डेढ़ वर्ष पूर्व अग्नि वीर योजना में सेना में हुआ था भर्ती
- जवान का पार्थिव शरीर लाने के लिए परिवार के लोग पश्चिम बंगाल रवाना
बहराइच। डेढ़ वर्ष पूर्व अग्नि वीर योजना में सेना में शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया में यूपी के बहराइच जिले के नानपारा अंतर्गत गुरगुट्टा गांव निवासी एक लाल भी सैनिक के रूप में भर्ती हुआ था। बहराइच का यह लाल वर्तमान में पश्चिम बंगाल में सीमा पर तैनात था। ड्यूटी के दौरान रात में बहराइच का लाल अपने कर्तव्य पथ पर शहीद हो गया। शहीद जवान का पार्थिव शरीर घर लाने के लिए परिवार के लोग पश्चिम बंगाल रवाना हो गए है।
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आपको बताते चलें कि बहराइच जिले के गुरगुट्टा गांव निवासी दिलीप निषाद डेढ़ वर्ष पूर्व सरकार की ओर से शुरू की गई सेना की अग्निवीर योजना के तहत सैनिक के रूप में भर्ती हुआ था। ट्रेनिंग के बाद दिलीप की ड्यूटी पश्चिम बंगाल में पाना गढ़ इलाके में बंगलादेश बॉर्डर पर थी। अग्निवीर सैनिक दिलीप निषाद के मंगलवार रात नौ बजे के आसपास शहीद होने की सूचना सेना के अधिकारियों की ओर से घर के लोगों को प्रदान की गई।
बहराइच के लाल के शहीद होने की सूचना मिलते ही परिवार के लोग विलख उठे, आसपास के लोग भी सांत्वना देने घर पहुंचने लगे। बहराइच के लाल दिलीप निषाद के शहीद होने की सूचना सोशल मीडिया पर फैली तो संवेदनाएं जताने वालों का ताँता लग गया। इस बीच पार्थिव शरीर लाने के लिए परिवार के लोग पश्चिम बंगाल पहुंच गए हैं।
गौरतलब हो कि जिले के कोतवाली नानपारा अंतर्गत गुरगुट्टा गांव निवासी जमुना निषाद का 21 वर्षीय पुत्र दिलीप निषाद डेढ़ वर्ष पूर्व सेना में शुरू हुई नई भर्ती प्रक्रिया अग्निवीर योजना के तहत भर्ती हुआ था। पश्चिम बंगाल के पाना गढ़ में बंगलादेश बॉर्डर पर शहीद जवान दिलीप के बड़े भाई विनोद निषाद ने बताया कि भाई ने जल्दी ही घर लौटने की बात कही थी लेकिन शायद होनी को कुछ और ही मंजूर था। दिलीप की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। लोग संवेदनाएं जताने शहीद जवान के घर पहुंच रहे हैं।
देर शाम तक घर पहुंच जाएगा शव
पश्चिम बंगाल के पाना गढ़ बंगलादेश बॉर्डर पर शहीद जवान दिलीप की मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। शहीद जवान दिलीप के भाई विनोद ने बताया कि वह अपने पिता और चाचा के साथ फ्लाइट से पश्चिम बंगाल पहुंच गए हैं। बुधवार देर रात तक भाई दिलीप का पार्थिव शरीर गांव पहुंच सकता है।
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